Sunday, 8 April 2018

27वीं सालगिरह

.. So, with this sunset, we have completed 27 years in this house at Paschim Vihar - shifted on April 8, 1991. While searching a house, we were told to try near St. Mark's school; but we were unable to find the school itself. Many times, we used to come up to Jawala Heri market and return without success. Atlast we reached this block and finalised existing flat.

- So, there was no role of some Super power this time assisted you always in difficult situations?

- Of course, it was there!..

उन दिनों यहां फ्लैट का रेट एक लाख पांच हजार था। पैसा-पैसा कीमती था। मेरे 25 हजार इंदिरा विकास पत्र के रूप में फंसे थे जिनकी मैच्युरिटी अगले साल थी। मायूस-से हम एक पुलिया पर बैठे थे वापस चलने की तैयारी में। सोचा, पास ही एक प्रॉपर्टी डीलर से और मिल लेते हैं। शाम 6-7 बजे मच्छरों ने नाक में दम कर रखा था। डीलर एकबारगी अपना रजिस्टर खोल कुछ बताने लगा पर मच्छरों से तंग आकर कभी दिन में आने की बात करने लगा। इतनी देर में एक मकान की एंट्री पर मेरी नजर पड़ गयी और उसके अलॉटी का पता (कुछ,1590, देव नगर, जैसा) मुझे याद रहा। अगली छुट्टी पर वह पता ढूंढने पर किसी ने कहा, उसके लिए गली नम्बर पता होना जरूरी है (वहां 15 गलियां हैं)। मन में आया, गली नम्बर एक से ही शुरू हो जाते हैं। बस, पहली ही बार में सफलता। सीधे-सीधे कहा, 'आपके मकान का रेट एक लाख पांच हजार है। बिना डीलर के एक लाख में देते हो?' वह बोले, 'चलो, एक लाख एक हजार।' मैंने जेब से पांच सौ का नोट निकाल कर थमाया, 'न आपकी, न मेरी। एक लाख पर बात पक्की!'

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