Wednesday, 13 June 2018

क्या यार!..

पहले तो मैं उनके पीछे
जा न सका,
फिर
साहस जुटा कर भागा --
वो रुके भी..
पर तब मैं
रुक न सका
और सीधा
घर आकर ठहरा!

-- विजय के भटनागर
       22.4.1981

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