Monday, 12 June 2017

बच्चे मन के सच्चे!

माता-पिता के साथ देखी पहली पिक्चर: "माँ-बाप" (1958): कुछ याद नहीं।। "जिस देश में गंगा बहती है" (1960): कुछ 'तस्वीरें' याद हैं।। "दो आंखें बारह हाथ": यह एकतारा याद है, और "चलती गाड़ी का नाम' (1961):  बच्चे चालाकी नहीं समझते - मैं समझता था "चलती का नाम गाड़ी" गलती से लिखा गया है।। "आरती" (1962): सब पात्रों को भाई-बहन ही समझता था।। "जब-जब फूल खिले" (1965): मन में किशोर अवस्था के फूल खिलने लगे थे!.. और

धीरे ....

धीरे ....

"राम तेरी गंगा मैली हो गई"!..

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