Thursday, 19 January 2017

विक्रम-बेताल

राजा विक्रमादित्य ने हार न मानी। हमेशा की तरह, वृक्ष से उतार कर शव को कंधे पर डाला और आगे बढ़ चले। इस पर शव में स्थित बेताल ने कहा: "राजन तुम्हारी थकान दूर करने को  फेसबुक की एक कहानी सुनाता हूं। अंत में मेरे प्रश्न का उत्तर यदि नहीं दे पाओगे तो तुम्हारा सर धड़ से अलग हो जाएगा। अतः ध्यान से सुनो: कलियुग में जब किसी को कोई काम नहीं होता तो वह फेसबुक के सहारे अपने दिन काटता है। अपनी किसी पोस्ट को एक 'लाइक' मिलने पर वह स्वयं को श्रेष्ठ, दो 'लाइक' पर परम श्रेष्ठ, और तीन पर तो सर्वश्रेष्ठ मानकर लोटपोट ही हो जाता है। यहां मैं जिस प्राणी की बात कर रहा हूं उसकी 'लोटपोट' व हमारे 'चंदा मामा' के समय से कुछ रचनाएं छपती रही हैं। लेकिन अभी कुछ दिन पहले उसने फेसबुक पर एक ऐसी तस्वीर 'तारे ज़मीं पर' पोस्ट कर दी कि चार 'लाइक' मिल गए और बवाल मच गया। नीचे वह तस्वीर देखो और बताओ कि आखिर यह प्राणी तारों को ज़मीन पर कैसे ले आया?" तब राजा ने यूं उत्तर दिया: "हे बेताल! इस कलियुग में जब महिलाएं शॉपिंग करती हैं तो पुरुष मॉल में इधर-उधर उनके बैग थामे बैठे रहते है या बच्चों को संभाले रहते हैं। ऐसे ही खाली समय में इस प्राणी ने शोरूम की लाइटों का अक्स फर्श पर देखा और फोटो खींच कर 'तारे ज़मीं पर' नाम दे कर पोस्ट कर दिया।" राजा के जवाब से संतुष्ट होकर बेताल हंसा और उड़ कर फिर पेड़ पर जा बैठा।

              ******तारे ******ज़मीं ******पर*****

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