Tuesday, 31 January 2017

- बुरा मान गए?

किसी विवाह या पार्टी आदि में जहां होस्ट अनेक भव्य आयोजन करता है, वहीं एक शानदार बैग का प्रबंध भी। अब, देखो, कितने भी आवरण से ढक लो, भीतर तो 'उम्मीद' जैसा ही कोई शब्द मिलेगा। कुछ-न-कुछ अपेक्षा तो मानव-मन करता ही है। फिर दस्तूर भी है। हमारी अपनी टैग-लाइन "जो न दे उसका भी भला" यहां दम तोड़ती नज़र आती है। (दो हज़ार प्रति प्लेट तो मान ही लो।) अब गेस्ट और उनके लिफाफे भी कई तरह के होते हैं - औसतन 251 से 5001 का लिफाफा मान लेते हैं जिनके आधार पर क्रमशः भावी संबंध तय होते हैं। 1100 सामान्य, 2100 प्रिय, 3100 अतिप्रिय और 5100 या अधिक शायद प्रियवर की श्रेणी में आ जाते हैं। 501 तक वालों का नाम तो अगली लिस्ट में डाला जाना ही संदिग्ध हो जाता है। होस्ट भी बेचारा क्या करे! मियां-बीवी तीन बच्चों को साथ ले आए तो कहना ही पड़ता है: "पांच प्लेटें अलग लगवा दें?" वस्तुतः उनके हाथ जोड़ कर कहने का तात्प्रय होता है कि कृपया दो-तीन प्लेट में ही काम चला लें। ..हमारे बारे में? हम तो, सच, लिफाफे पर अपना नाम ही नहीं लिखते; अलबत्ता लिफाफा थमाते हुए फोटो ज़रूर खिंचवा लेते हैं और 'प्रियवर' लिस्ट में बने रहते हैं!

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